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Tuesday, November 20, 2018

What is love of god परमेश्वर का प्रेम क्या है




What is love of god
***- परमेश्वर का प्रेम क्या है ? ***
^^ कैसे परमेश्वर का प्रेम हममें से बहेगा ? ^^
कुछ विश्वासी लोग परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं
"परमेश्वर मुझको प्रेम दें"
यदि आप ऐसी प्रार्थना कर रहे हो तो आप अपने समय की बर्बादी कर रहे हो यदि आप नया जन्म (पवित्र आत्मा का दान) पाये हुए हो तो पवित्र आत्मा के द्वारा परमेश्वर का प्रेम आपके हृदय में पहले से डाला गया है।
रोमियों 5:5 "परमेश्वर का प्रेम पवित्र आत्मा के द्वारा हमारे हृदयों में उण्डेला गया है, डाला गया है।"
1यूहन्ना 3:14 "हम जानते हैं कि हम मृत्यु से जीवन में प्रवेश कर चुके हैं।"
क्योंकि हम ने उसको पा लिया है। तो आप यदि नया जन्म पाये हुए हो तो परमेश्वर का प्रेम आपके अंदर में है।
प्रेम आपका स्वभाव है। आप प्रेमी परमेश्वर के प्रेमी संतान हो।
तो इस प्रेम के स्वभाव से उसको लेकर आपको क्या करना होगा ?
आपको परमेश्वर के वचन में से लेकर खाते रहना होगा आपको लगातार अभ्यास करते रहना होगा इसी प्रकार से प्रेम में आप बढ़ने पाओगे।
इस बात को आप कभी भी न भूलें कि आप प्रेमी परमेश्वर की प्रेमी संतान हो ये बात आप कहें (अंगीकार करें) मैं प्रेम से जन्मा हूँ। परमेश्वर का प्रेम मेरे हृदय में है। मैं उस प्रेम को अनुमति देता हूँ कि मुझ पर प्रभुता करे । आमीन
तो आप प्रेमी परमेश्वर के प्रेमी संतान हैं प्रेम आपका स्वाभाव है। आपके सर को या दिमाग को यह अनुमति न दो कि आपके ऊपर प्रभुता करे। आपकी आत्मा में वास्तव में आप सबसे प्यार करते हो अपनी आत्मा को आपके ऊपर प्रभुता करने की अनुमति दो उस प्रेम को जो आपकी आत्मा के अंदर में है उसको अनुमति दो कि आपके हर एक क्षेत्र के ऊपर प्रभुता करे।



**__आलौकिक प्रेम का चरित्र __**
एम्प्लीफाइड बाइबल से 1कुरिन्थियों 13:4...8 में पाया जाता है।
**__इनका अंगीकार करते रहना है __**
अपने खुद के लिए इन बातों को रोज कहते रहना ( अपने खुद से ये बातें रोज कहना है)
मैं प्रिय जन हूँ। मैं धीरजवंत हूँ और कृपालु हूँ।
मैं कभी भी जलन नही रखता न ही जलन से मैं उभरता हूँ ।
मैं घमंडी नहीं हूँ। मैं अपने आप में क्रोध प्रगट होने नहीं देता।
मैं घमंड से फूला हुआ नहीं हूँ, और मैं घमंड से फूलता नहीं।

मैं अनरीति चाल नहीं चलता हूँ।
मैं जो बुरी बातें हैं उनमें होकर काम नहीं करता हूँ।
परमेश्वर का प्रेम मेरे अंदर में है और इसलिए मैं अपने खुद के हक और अपने खुद के अधिकार के पीछे पड़ा नहीं रहता और इनका पीछा मैं नहीं करता।
मुझको बुरा नही लगता है।
मैं डरता भी नहीं हूँ।
और जो बुराई मेरी होती है उसका लेखा मैं नही रखता।
और यदि किसी ने मेरा बुरा किया है तो मैं उसकी बात की तरफ ध्यान भी नहीं देता हूँ। और
जो अधार्मिकता के काम होते हैं उसको देखकर मैं खुश नहीं होता हूँ। पर जब सच्चाई प्रगट होती है तो मैं उसे देख कर प्रसन्न होता हूँ।
और जो भी बात मेरे ऊपर आती है सारी बातों को मैं सह लेता हूँ।
मैं सदैव तैयार रहता हूँ प्रत्येक व्यक्ति की भलाई के लिए ।
मेरी आशा बिलकुल टूटती नहीं हर एक परिस्थिती में मैं बिलकुल तत्पर रहता हूँ तैयार रहता हूँ।
और मैं सारी बातों को सहन करता हूँ सह लेता हूँ, इसलिए मैं कभी असफल नहीं होता,
मैं कभी मुर्झाता नहीं हूँ। और निराशा में भी मेरे जीवन का कभी अंत नहीं होता।
ये सारी बातें अपने खुद के लिए कहें प्रत्येक सुबह और हर रात को।
ऐसा अंगीकार करने के द्वारा परमेश्वर के प्रेम की नदी आपके अंदर से बहने लगे आमीन इस बात को आप अपने घर में अपने मसीही भाई बहन को मित्रों को अपने कलीसिया के लोगों को एवं पास्टरों को सेवकों को जरूर शेयर करें हो सके तो फोटो कॉपी करा कर इनको मसीहियों में बाँटें ताकि वे भी इस अंगीकार को करते रहें जिससे परमेश्वर का प्रेम उनके अंदर से भी बहने पाये।
प्रभु यीशु मसीह आपको इन वचनों के पढ़ने के द्वारा आशीष दें और पवित्र आत्मा आपकी सहायता करें आमीन
प्रभु यीशु मसीह में आपका सेवक

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